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भारतीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020


राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 29 जुलाई 2020 को भारतीय केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया l इससे देश में संपूर्ण शिक्षा प्रणाली में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त हुआ l इसके तहत मानव संसाधन मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय रख दिया गया lसंपूर्ण शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाने का प्रयास किया गया है ताकि सभी के लिए शिक्षा को सार्वभौमिक बनाया जा सके और संभावित संरचनात्मक और संस्थागत परिवर्तन किए जा सके l

( 5 + 3 + 3 + 4 )स्कूल पाठ्यक्रम और शिक्षा शास्त्र को नए डिजाइन में पुनर्गठित करने का प्रयास किया गया है ,इस प्रकार कक्षा 5 तक के छात्रों को मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा सिखाने का प्रावधान किया गया है l फाउंडेशन स्टेज 5 वर्ष तक नियत की गई है इसके पश्चात प्रारंभिक चरण 3 वर्ष ,मध्य चरण 3 वर्ष व उच्चरण 4 वर्ष जिसमें ग्रेड 9 ,10 ,11 और 12 रखा गया है l इस शिक्षा नीति का उद्देश्य 2025 तक प्राथमिक विद्यालयों में सार्वभौमिक आधार पर साक्षरता और संख्यात्मकता हासिल करना है l इस शिक्षा प्रणाली द्वारा शिक्षा का उद्देश्य भूख और गरीबी को दूर करने का भी एक प्रयास है, इसके साथ-साथ भारत सरकार सभी लड़कियों और ट्रांसजेंडर छात्रों को भी समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जेंडर इंक्लूजन फंड का भी गठन करेगी और उच्च शिक्षा सकल नामांकन अनुपात 2035 तक 50% तक बढ़ाने का भी प्रयास रहेगा l शिक्षा जगत गैर लाभ प्राप्त संस्था के रूप में जाना जाएगा l उच्च प्रदर्शन करने वाले भारतीय विश्वविद्यालय अन्य देशों में परिसर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किए जाएंगे l विश्व स्तर पर प्रसिद्ध संस्थानों में सर्वश्रेष्ठ लाने के लिए हमारे अपने छात्रों को भी बनाए रखना भविष्य के लिए आगे का रास्ता होगा l इस शिक्षा नीति का यह उदेशय रहेगा कि हम विदेशों से सर्वश्रेष्ठ यहां पर शिक्षा उपलब्ध करवा सकें और हमारे युवा यही रहेंगे l यही पर अध्ययन करेंगे और विदेशों से भी जिस प्रकार से प्राचीन समय में शिक्षार्थी शिक्षा प्राप्त करने के लिए नालंदा और तक्षशिला विद्यालय में आया करते थे उसी प्रकार से अब भी भारत शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहेगा और विश्व गुरु के रूप में साबित होगा l शिक्षा प्रणाली का मंतव्य ऐसी युवा पीढ़ी का सृजन करना है जो आर्थिक ,सामाजिक ,नैतिक व शैक्षणिक रूप से सक्षम होगी भारत अपने पूर्व युग की भांति समग्र विश्व के अग्रणी गुरु के रूप में संबोधित होगा और इस शिक्षा प्रणाली में प्राचीन भारत की नैतिकता, योग्यता, कौशल निपुणता ,सामूहिक विशेषज्ञता के साथ-साथ उच्च चरित्र के मानवीय गुणों का भी विकास करना है l 2020 का प्रभावी कार्य भारत में छात्रों के शैक्षिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण सुधार करना है l 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करते हुए नवभारत के निर्माण में छात्रों की भूमिका को तय करना भी नई शिक्षा नीति का उद्देश्य है l शिक्षा को अधिक प्रयोगात्मक, रचनात्मक और मनोरंजनात्मक बनाकर के हर समस्या के समाधान के प्रति अच्छा दृष्टिकोण रखते हुए मानविय विकास को गतिशील बनाना भी इस शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य रहेगा l

 
 
 

1 Comment


Joanne Smith
Joanne Smith
3 days ago

When considering UNICCM School it becomes clear that flexible, practical programmes are available for learners while working. The College of Contract Management training strengthen technical and career skills.

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